PTO FULLFORM का क्या है ? | what is fullform of PTO | FULL FORM OF PTO

PTO FULLFORM का क्या है ? | what is fullform of PTO | FULL FORM OF PTO

मैं आपको PTO का फुल फॉर्म बताने वाला हूं इसकी बहुत सारे ही मैंने आपको इसके सारे फुल फॉर्म का सारी जानकारी किसी पोस्ट में  दिए हुए हैं और आपको सारी जानकारी पढ़नी है तो मैंने आपको नीचे पोस्ट में सारे फुल फॉर्म बताए हुए हैं वहां से आप जो फुल फॉर्म अच्छा लगे आपके प्रश्न के अनुसार हो आप ले सकते हैं.
  1. Physical Training Opted
  2. Product’s Turn Over
  3. Product Training Officer
  4. Permission To Occupy
  5. Private Transport Owner
  6. Permeability Tuned Oscillator
  7. Professionally Trained Operator
  8. Penguin Trademark Organics
  9. Plane’s Take Off
  10. Process Timed Out
  11. Photo Transmitter Oscillator
  12. Powered Total Output

PTO FULLFORM  का क्या है ? | what is fullform of PTO | FULL FORM OF PTO

Public Telephone Operator history


दोस्तों आज हम बात करने महान वैज्ञानिक से एलेग्जेंडर ग्राम बेल की एलेग्जेंडर ग्राहम बेल का जन्म 3 मार्च 1837 को स्कॉटलैंड में हुआ था एलेग्जेंडर ग्राम बेल अपने टेलीफोन के आविष्कार के लिए प्रसिद्ध है उनक ए अविष्कार से पूरी दुनिया को बदल दिया था एलेग्जेंडर ग्राम बेल की मां और पत्नी दोनों बेहारी थी जिस बजे से उन्होंने ध्वनि विज्ञान यानी साइंस ऑन साउंड में बहुत रुची थी बेल को टैली ग्राम तार के जरिए ध्वनि के सिग्नल भेजे जा सकते हैं.

 इसलिए उन्होंने उस पर शोध कार्य शुरू कर दिया उन्होंने अपने साथ एक सहायक थॉमस वाटसन को रखा जिसने टेलीफोन की खोज के लिए बेल की काफी मदद की 10 मार्च 1876 बेल आपने कमरे में और उनका साथी दोनों दूसरी मंजिल पर काम कर रहे थे.

 बहुत दिनों से लगातार यंत्रों को जोड़कर पर भी उनको तारों के जरिए ध्वनि संचार में सफलता नहीं मिल रही थी एक दिन पता नहीं तारों का कैसा संबंध बना काम करते-करते बेल के पेंट पर हल्का तीजा पड़ गया उन्होंने वाटसन को मदद के लिए पुकारा और वाटसन ने उनकी आवाज को अपने पास रखें यंत्र से आते हुवे सुना.
 उसके बाद की कहानी इतिहास बन गई और यह दो मित्रों के बीच पहली बार टेलीफोन पर की हुई बात जिसमें बेल अपने शायद थॉमस वर्ड्स कहते हैं मिस्टर वाटसन कम हियर यानी कि मिस्टर वाटसन इधर आओ टेलीफोन के खोज के तुरंत बाद बेल ने इसका पेटेंट करवा दिया.
18 रासो सत्तांतर मे अपनी खुद की टेलीफोन कंपनी खोल दी जो जल्दी ही बहुत अमीर हो गई आज बेल की कंपनी को ATNT नाम से जाना जाता है ग्राम वेल की विलक्षण प्रतिभा का अंदाज लगाया जा सकता है कि वह 13 वर्ष के उम्र मैं भी ग्रेजुएट हो गए थे.
तो आपको जानकर हैरानी हो जाएगी 16 साल की उम्र बेबी एक वैज्ञानिक म्यूजिक टीचर रूप में बदल गया लगभग 23 साल की उम्र में उन्होंने एक ऐसा पियानो बना था जिसकी मीठी आवाज काफी दूर तक सुनाई देत था उन्होंने पहला ट्रांस कॉन्टिनेंट टेलीफोन कॉल अर्थात महाद्वीप के एक सिरिसे दूसरे महाद्वीप के सिर तक पहला टेलीफोन कॉल 15 जनवरी 1915 को हुवा था.
 जिसमें बेलने थॉमस वाटसन से बात की थी बेल उस समय अमेरिका के पूर्वी तट पर बसे मेला युरोक सिटी में थे और थॉमस वाटसन पश्चिमी तट पर बस सेलफेसोसके शहर में थे टेलीफोन की खोज के बाद बेल अपने कमरे में टेलीफोन को रखना पसंद नहीं करते थे.
क्योंकि उनके अनुसार या उनके काम में बार-बार हालले डाल रहा था बेल का मृत्यु अनिमिय बीमारी के वजह से मृत्यु हुई थी उनकी मृत्यु के बाद पूरे उत्तरी अमेरिका के सभी टेलीफोन लाइन को बेल के सम्मान में रूप में 2 मिनट तक बंद किया उनकी मृत्यु 2 अगस्त 1922 क्यानेडामे हुआ था.

Product’s Turn Over

तो दोस्तों टर्न ओवर एक फाइनेंसर टर्न है जो हम एक्सेप्ट न्यूज़पेपर इंटरनेट और टीवी पर किसी कंपनी द्वारा की जाने व्यापार के संबंध सुनने को मिलता है जैसे कि किसी कंपनी का टर्नओवर 10 करोड़ के ऊपर रहा है या किसी कंपनी का टर्नओवर इस साल 50 करोड़ कम राहा है.


तो दोस्तों ऐसे ही हेड लाइट हमें देखने और सुनने में मिलती है आपको पता होगा कि फाइनल सेक्टर में किसी कंपनी द्वारा किसी टाइम पीरियड में किए जाए टोटल बिजनेस सेल्स और कार्रवाई की संख्या मूल्यों को दिखाने के लिए किया जाता है.


दोस्त टर्न ओवर शब्दों का कांटेक्ट मैं अलग-अलग शब्द होते हैं जैसे कि जैसे बिजनेस में टर्न ओवर शब्द का मतलब फुल बिक्री यानी कि नेट सेल्स होता है और एचआर मैनेजमेंट संदर्भ में टर्नओवर शब्दों का मतलब होता है.


कि एक टाइम पीरियड में कितने एंप्लॉई ने जॉब छोड़ आए और उसके बदले कितने एंप्लॉय इनको जॉब पर रखा है इसे EMPLOYEE TURN OVER RATE कहा जाता है दोस्तों अब ध्यान देने की बात यह है कि टर्नओवर शब्द की 1 साल में किए जाने वाली करवाई यानी कि नेट सेल्स में बात कर रहे होते.


हमें टर्नओवर से हमें बहुत आसानी से किसी कंपनि या किसी संस्था द्वारा किसी टाइम पीरियड में क्या कार्रवाई का पता चलता है तो हमें कंपनी के कारवार में समझने में आसानी होती है दोस्तों एक ही प्रोडक्ट या इंडस्ट्री में काम करने वाले टर्नओवर को देखकर आसानी से समझा जा सकता है कि कौन सी कंपनी बेहतर काम कर रहे हैं तो दोस्तों आज समझ हो गए होंगे कि टर्न और क्या होता है.


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